माधुर्य कादम्बिनी

Course Description: माधुर्य कादम्बिनी का तात्पर्य है बादलों की एक पंक्ति जो मधुर अमृत की वृष्टि करती है। श्रील रूप गोस्वामी लिखते हैं माधुर्य का अर्थ है सभी परिस्थितियों में और सभी गतिविधियों में अप्रतिम सौंदर्य, आकर्षण, अभूतपूर्व प्रकृति को धारण करना, इस प्रकार सर्वोच्च माधुर्य सभी मिठास का रूप है स्वयं भगवान ब्रजेंद्रनंदन श्री कृष्ण, जिनके पास चार विशेष मिठास हैं, लीला माधुरी, प्रेमा माधुरी , वेणु माधुरी एवं रूप माधुरी, , वही परम भगवान श्री कृष्ण, अपने इन चार माधुर्य का रस आस्वादन करने के लिए और समस्त विश्व को अपने प्रेम रस में डुबोने के लिए, इस युग में श्री चैतन्य महाप्रभु के रूप में अवतरित होते है ।

इस पवित्र ग्रंथ में श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर ने भक्ति के विकास में श्रद्धा से लेकर प्रेम के प्रकट होने तक के प्रत्येक चरण के लक्षणों को सहज और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है, साथ ही यह महान ग्रन्थ, उन सभी बाधाओं की भी व्याख्या करता है जैसे कि वैष्णव अपराध जिन्हें मार्ग में अवश्य ही छोड़ दिया जाना चाहिए। इस महान साहित्य की तुलना उस दीपक से की जाती है जो भक्ति साधक के मार्ग को प्रकाशित करती है। इस पवित्र ग्रन्थ का व्यावहारिक रूप से पालन करने से, सरल ह्रदय वाला साधक निश्चित रूप से भक्ति की अपनी अवस्था को समझने में सक्षम होगा, साथ ही वह अपनी त्रुटियों तथा भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए उसे और क्या कदम उठाने चाहिए, यह समझ पायेगा । इसके अतिरिक्त उसके ह्रदय में ऐसी क्षमता और प्रवृति उत्पन्न होगी जिस से वह भक्ति के साम्राजय में प्रगति कर सके और अंततः अपने चरम लक्ष्य श्री भगवान के प्रेम को प्राप्त कर सके ।

तो आइए हमारे साथ जुड़िये और भक्ति के उच्चतम गंतव्य तक पहुंचने के मार्ग के विभिन्न चरणों का पता लगाएं।

Course Contents:

१. अमृत की प्रथम वर्षा – भक्ति की श्रेष्ठता

२. अमृत की द्वितीय वर्षा – भक्ति के पहले तीन चरणों का चित्रण (श्रद्धा, साधुसंग एवं भजन क्रिया)

३. अमृत की तीसरी वर्षा – भक्ति के सभी अवरोधों का नाश (अनर्थ निवृत्ति)

४ . अमृत की चौथी वर्षा – अमृत का प्रवाह (निष्ठा)

५. अमृत की पांचवी वर्षा – दिव्य स्वाद की अनुभूति (रुचि)

६. अमृत की छठी वर्षा – हृदय का मोह (आसक्ति)

७. अमृत की सांतवी वर्षा – दिव्य उत्साह का प्रवाह (भाव भक्ति)

८. अमृत की आठवीं वर्षा – आत्मा की तृष्णा की पूर्ण पूर्ति (प्रेम भक्ति)

Course materials: प्रत्येक सत्र पर संक्षिप्त टिप्पणी

Target audience: कोई भी जो गौड़िया वैष्णववाद का अध्ययन कर रहा है

Assessment Plan: पाठ्यक्रम के अंत में एक परीक्षा

Course Requirement: कोई नहीं – सभी के लिए

Video Recordings of Live Sessions

1
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 1 – 11th Sep 2021
2
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 2 – 12th Sep 2021
3
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 3 – 18th Sep 2021
4
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 4 – 19th Sep 2021
5
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 5 – 25th Sep 2021
6
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 6 – 26th Sep 2021
7
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 7 – 02nd Oct 2021
8
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 8 – 03rd Oct 2021
9
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 9 – 09th Oct 2021
10
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 10 – 10th Oct 2021
11
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 11 – 16th Oct 2021
12
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 12 – 23rd Oct 2021
13
माधुर्य कादम्बिनी – Session – 13 – 24th Oct 2021

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Start Date: 11th Sep, 2021
Language: Hindi
Duration: 32 Hours
Video: 2 Hours Each
No. Of Sessions: 16
Sessions Per Week: 2
Days: Sat & Sun
Time: 7:00 to 9:00 PM IST